इतनी पीता हूँ कि मदहोश रहता हूँ सब कुछ समझता हूँ पर खामोश रहता हूँ

"इतनी पीता हूँ कि मदहोश रहता हूँ, सब कुछ समझता हूँ पर खामोश रहता हूँ, जो लोग करते हैं मुझे गिराने की कोशिश, मैं अक्सर उन्ही के साथ रहता हूँ।"

By | 2017-09-14T10:06:02+00:00 September 14th, 2017|Sharabi Shayari|0 Comments