तन्हाई में भी कहते है लोग जरा महफ़िल में जिया करो

"तन्हाई में भी कहते है लोग जरा महफ़िल में जिया करो पैमाना लेके बिठा देते है मैखाने में और कहते है जरा तुम कम पिया करो ||"

By | 2017-09-14T11:01:59+00:00 September 14th, 2017|Sharabi Shayari|0 Comments

अब के सावन में सबका हिसाब कर दूंगा जिसका जो वाकी है वो भी हिसाब कर दूंगा

"अब के सावन में सबका हिसाब कर दूंगा जिसका जो वाकी है वो भी हिसाब कर दूंगा और मुझे इस गिलास में ही कैद रख वरना पूरे शहर का पानी शराब कर दूंगा ||"

By | 2017-09-14T10:56:16+00:00 September 14th, 2017|Sharabi Shayari|0 Comments