तेरा दिल उदास क्यों है तेरी आँखों में प्यास क्यों है

"तेरा दिल उदास क्यों है तेरी आँखों में प्यास क्यों है जो छोड़ गया तुझे मझदार में उससे मिलने की आस क्यों है जो दे गया दर्द ज़िन्दगी भर का वही तेरे लिए ख़ास क्यों है ||"

By | 2017-09-14T11:54:20+00:00 September 14th, 2017|Sharabi Shayari|0 Comments

बैठे हैं दिल में ये अरमां जगाये के वो आज नजरों से अपनी पिलाये

"बैठे हैं दिल में ये अरमां जगाये के वो आज नजरों से अपनी पिलाये मजा तो तब ही पीने का यारो इधर हम पियें और नशा उनको आये ||"

By | 2017-09-14T11:50:54+00:00 September 14th, 2017|Sharabi Shayari|0 Comments

जाने कभी गुलाब लगती हे जाने कभी शबाब लगती

"जाने कभी गुलाब लगती हे जाने कभी शबाब लगती हे तेरी आखें ही हमें बहारों का ख्बाब लगती हे में पिए रहु या न पिए रहु लड़खड़ाकर ही चलता हु क्योकि तेरी गली कि हवा ही मुझे शराब लगती हे ||"

By | 2017-09-14T11:47:38+00:00 September 14th, 2017|Sharabi Shayari|0 Comments

देवदास की तरह जान मत दो यारो

"देवदास की तरह जान मत दो यारो प्यार को लात मारो मेरी बात मानो ना चंद्रमुखी ना पारो रोज़ रात एक स्ट्रॉंग बियर मारो और चैन से ज़िंदगी गुजारो ||"

By | 2017-09-14T11:37:19+00:00 September 14th, 2017|Sharabi Shayari|0 Comments

लोगों ने कहा की मैं शराबी हूँ मैने कहा उन्हो ने आँखों से पिलाइ है

"लोगों ने कहा की मैं शराबी हूँ मैने कहा उन्हो ने आँखों से पिलाइ है लोगों ने कहा की मैं आशिक़ हूँ मैने कहा आशिक़ी उन्हो ने सिखाई है लोगों ने कहा तू शायर दीवाना है मैने कहा उनकी मोहब्बत रंग लाई है ||"

By | 2017-09-14T11:34:48+00:00 September 14th, 2017|Sharabi Shayari|0 Comments

महफ़िल में इस कदर पीने का दौर था हमको पिलाने के लिए सबका जोर था

"महफ़िल में इस कदर पीने का दौर था हमको पिलाने के लिए सबका जोर था पी गए हम इतनी यारो के कहने पर न अपना गौर था न ज़माने का गौर था ||"

By | 2017-09-14T11:31:13+00:00 September 14th, 2017|Sharabi Shayari|0 Comments

जाम पे जाम पीने से क्या फायदा दोस्तों

"जाम पे जाम पीने से क्या फायदा दोस्तों रात को पी हुयी शराब सुबह उतर जाएगी अरे पीना है तो दो बूंद बेवफा के पी के देख सारी उमर नशे में गुज़र जाएगी ||"

By | 2017-09-14T11:28:36+00:00 September 14th, 2017|Sharabi Shayari|0 Comments

हर रोज़ पीता हूँ तेरे छोड़ जाने के ग़म में वर्ना पीने का मुझे भी कोई शौंक नहीं

"हर रोज़ पीता हूँ तेरे छोड़ जाने के ग़म में वर्ना पीने का मुझे भी कोई शौंक नहीं बहुत याद आते है तेरे साथ बीताये हुये लम्हें वर्ना मर मर के जीने का मुझे भी कोई शौंक नहीं ||"

By | 2017-09-14T11:25:18+00:00 September 14th, 2017|Sharabi Shayari|0 Comments

हम तो जी रहे थे उनका नाम लेकर वो गुज़रते थे हमारा सलाम लेकर

"हम तो जी रहे थे उनका नाम लेकर वो गुज़रते थे हमारा सलाम लेकर कल वो कह गये भुला दो हुमको हमने पुछा कैसे वो चले गये हाथो मे जाम देकर ||"

By | 2017-09-14T11:21:50+00:00 September 14th, 2017|Sharabi Shayari|0 Comments