तेरी आँखों के ये जो प्याले हैं मेरी अँधेरी रातों के उजाले हैं

"तेरी आँखों के ये जो प्याले हैं, मेरी अँधेरी रातों के उजाले हैं, पीता हूँ जाम पर जाम तेरे नाम का, हम तो शराबी.. बे-शराब वाले हैं…"

By | 2017-09-14T12:34:07+00:00 September 14th, 2017|Sharabi Shayari|0 Comments

रात चुप है मगर चाँद खामोश नहीं कैसे कहूँ आज फिर होश नहीं

"रात चुप है मगर चाँद खामोश नहीं, कैसे कहूँ आज फिर होश नहीं, इस तरह डूबा हूँ तेरी मोहब्बत की गहराई में, हाथ में जाम है और पीने का होश नहीं.."

By | 2017-09-14T12:31:55+00:00 September 14th, 2017|Sharabi Shayari|0 Comments

पीके रात को हम उनको भुलाने लगे शराब में गम को मिलाने लगे

"पीके रात को हम उनको भुलाने लगे, शराब में गम को मिलाने लगे, दारू भी बेवफा निकली यारों, नशे में तो वो और भी याद आने लगे…"

By | 2017-09-14T12:29:45+00:00 September 14th, 2017|Sharabi Shayari|0 Comments

जिसका साथ सारी दुनिया छोड़ देती है उनके हाथों में अक्सर पाई जाती है शराब

"जिसका साथ सारी दुनिया छोड़ देती है, उनके हाथों में अक्सर पाई जाती है शराब, कभी भी अपने ग़मों को भूलना हो तो कह देना, कितने भी बड़े गम में किसी को भी हँसाती है शराब, पंख लगा के आसमान में उड़ जाते हैं जो पंछी, दो घूट पी लेने पर उन्हें बाँहों में ले [...]

By | 2017-09-14T12:27:59+00:00 September 14th, 2017|Sharabi Shayari|0 Comments

रात गुमसूँ है मगर चेन खामोश नही कैसे कहदू आज फिर होश नही

"रात गुमसूँ है मगर चेन खामोश नही कैसे कहदू आज फिर होश नही ऐसा डूबा तेरी आखो की गहराई मैं हाथ में जाम है मगर पीने का होश नही ||"

By | 2017-09-14T11:58:54+00:00 September 14th, 2017|Sharabi Shayari|0 Comments