तेरे इंतजार में कब से उदास बैठे हैं तेरे दीदार में आँखे बिछाये बैठे हैं

"तेरे इंतजार में कब से उदास बैठे हैं, तेरे दीदार में आँखे बिछाये बैठे हैं, तू एक नज़र हम को देख ले बस, इस आस में कब से बेकरार बैठे हैं।"

By | 2017-09-09T06:53:41+00:00 September 9th, 2017|Intezaar Shayari|0 Comments