आँखें भी मेरी पलकों से सवाल करती है हर वक़्त आपको ही बस याद करती हैं

"आँखें भी मेरी पलकों से सवाल करती हैं, हर वक़्त आपको ही बस याद करती हैं, जब तक ना कर लें दीदार आपका, तब तक वो आपका इंतज़ार करती हैं।"

By | 2017-09-09T07:32:41+00:00 September 9th, 2017|Intezaar Shayari|0 Comments

कोई मिलता ही नहीं हमसे हमारा बनकर वो मिले भी तो एक किनारा बनकर

"कोई मिलता ही नहीं हमसे हमारा बनकर, वो मिले भी तो एक किनारा बनकर, हर ख्वाब टूट के बिखरा काँच की तरह, बस एक इंतज़ार है साथ सहारा बनकर।"

By | 2017-09-09T07:22:55+00:00 September 9th, 2017|Intezaar Shayari|0 Comments

दिल की धड़कन को एक लम्हा सब्र नहीं शायद उसको अब मेरी ज़रा भी कद्र नहीं

"दिल की धड़कन को, एक लम्हा सब्र नहीं, शायद उसको अब मेरी ज़रा भी कद्र नहीं, हर सफर में मेरा कभी हमसफ़र था वो, अब सफर तो है मगर वो हमसफ़र नहीं।"

By | 2017-09-09T07:19:27+00:00 September 9th, 2017|Intezaar Shayari|0 Comments

आँखें भी मेरी पलकों से सवाल करती हैं हर वक़्त आपको ही तो याद करती हैं

"आँखें भी मेरी पलकों से सवाल करती हैं, हर वक़्त आपको ही तो याद करती हैं, जब तक देख न लें चेहरा आपका, हर घडी आपका ही इंतज़ार करती हैं।"

By | 2017-09-09T07:16:11+00:00 September 9th, 2017|Intezaar Shayari|0 Comments

न देखने से मेरा प्यार कम ना होगा तू पलट के ना देख इजहार कम ना होगा

"न देखने से मेरा प्यार कम ना होगा, तू पलट के ना देख इजहार कम ना होगा, तुझको देख कर धड़कनें बढ़ जाती है सच है, लेकिन तेरे लिए मेरे दिल में प्यार कभी कम ना होगा।"

By | 2017-09-09T07:11:43+00:00 September 9th, 2017|Intezaar Shayari|0 Comments

उदास आँखों में अपने करार देखा है पहली बार उसे बेक़रार देखा है

"उदास आँखों में अपने करार देखा है, पहली बार उसे बेक़रार देखा है, जिसे खबर ना होती थी मेरे आने जाने की, उसकी आँखों में अब इंतज़ार देखा है।"

By | 2017-09-09T07:04:15+00:00 September 9th, 2017|Intezaar Shayari|0 Comments

तू मुझे याद करे न करे तेरी ख़ुशी हम तो तुझे याद करते रहते हैं

"तू मुझे याद करे न करे तेरी ख़ुशी, हम तो तुझे याद करते रहते हैं, तुझे देखने को दिल तरसता रहता है, और हम इंतज़ार करते रहते हैं।"

By | 2017-09-09T07:01:46+00:00 September 9th, 2017|Intezaar Shayari|0 Comments

वो कह कर गया था कि लौटकर आऊँगा मैं इंतजार ना करता तो क्या करता

"वो कह कर गया था कि लौटकर आऊँगा, मैं इंतजार ना करता तो क्या करता, वो झूठ भी बोल रहा था बड़े सलीके से, मैं एतबार ना करता तो क्या क्या करता।"

By | 2017-09-09T06:58:58+00:00 September 9th, 2017|Intezaar Shayari|0 Comments

लौट आओ और मिलो उसी तड़प से अब तो मुझे मेरी वफाओं का सिला दे दो

"लौट आओ और मिलो उसी तड़प से, अब तो मुझे मेरी वफाओं का सिला दे दो, इंतजार ख़त्म नहीं होता है आँखों का, किसी शब् अपनी एक झलक दे दो।"

By | 2017-09-09T06:56:15+00:00 September 9th, 2017|Intezaar Shayari|0 Comments