ज़माने भर में मिलते है आशिक़ कई

"ज़माने भर में मिलते है आशिक़ कई, मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता, नोटों में लिपट कर, सोने में सिमट कर मरे है कई, मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता. Happy Republic Day"

By | 2017-12-06T09:36:38+00:00 December 6th, 2017|Republic Day Shayari|0 Comments

वो फिर आया है नये सवेरे के साथ

"वो फिर आया है नये सवेरे के साथ, मिल ज़ुल कर रहेंगे हम एक दूजे के साथ, वो तिरंगा कितना प्यारा है, वो है देखो सबसे प्यारा न्यारा, आने ना देंगे उस पे आंच, Happy Republic Day."

By | 2017-12-06T09:31:26+00:00 December 6th, 2017|Republic Day Shayari|0 Comments