इक़रार-ऐ-मुहब्बत ऐ-हदे-ऐ.वफ़ा सब झूठी सच्ची बातें हैं “इक़बाल”

"इक़रार-ऐ-मुहब्बत ऐ-हदे-ऐ.वफ़ा सब झूठी सच्ची बातें हैं “इक़बाल” हर शख्स खुदी की मस्ती में बस अपने खातिर जीता है"।

By | 2017-09-22T11:44:57+00:00 September 22nd, 2017|Allama Iqbal|0 Comments

इश्क़ क़ातिल से भी मक़तूल से हमदर्दी भी यह बता किस से मुहब्बत की जज़ा मांगेगा

"इश्क़ क़ातिल से भी मक़तूल से हमदर्दी भी यह बता किस से मुहब्बत की जज़ा मांगेगा सजदा ख़ालिक़ को भी इबलीस से याराना भी हसर में किस से अक़ीदत का सिला मांगेगा"।

By | 2017-09-22T11:35:12+00:00 September 22nd, 2017|Allama Iqbal|0 Comments

तस्कीन न हो जिस से वो राज़ बदल डालो जो राज़ न रख पाए हमराज़ बदल डालो

"तस्कीन न हो जिस से वो राज़ बदल डालो जो राज़ न रख पाए हमराज़ बदल डालो तुम ने भी सुनी होगी बड़ी आम कहावत है अंजाम का जो हो खतरा आग़ाज़ बदल डालो पुर-सोज़ दिलों को जो मुस्कान न दे पाए सुर ही न मिले जिस में वो साज़ बदल डालो दुश्मन के इरादों [...]

By | 2017-09-22T11:21:30+00:00 September 22nd, 2017|Allama Iqbal|0 Comments

सितारों से आगे जहाँ और भी हैं अभी इश्क़ के इम्तेहाँ और भी हैं

"सितारों से आगे जहाँ और भी हैं अभी इश्क़ के इम्तेहाँ और भी हैं ताही ज़िंदगी से नहीं यह फिज़ाएँ यहाँ सैंकड़ों कारवाँ और भी हैं अगर खो गया एक नशेमन तो किया गम मक़ामात-ऐ-आह-ओ-फ़िगन और भी हैं तू शाहीन है , परवाज़ है काम तेरा तेरे सामने आसमान और भी हैं इसे रोज़-ओ-शब में [...]

By | 2017-09-22T11:10:44+00:00 September 22nd, 2017|Allama Iqbal|0 Comments