सिर्फ़ इतने के लिए आँखें हमें बख़्शी गईं

“सिर्फ़ इतने के लिए आँखें हमें बख़्शी गईं
देखिए दुनिया के मंज़र और ब-इबरत देखिए”

By | 2017-09-26T08:55:12+00:00 September 26th, 2017|Josh Malihabadi|0 Comments