प्यार किया था तो प्यार का अंजाम कहाँ मालूम था

प्यार किया था तो प्यार का अंजाम कहाँ मालूम था,

वफ़ा के बदले मिलेगी बेवफाई कहाँ मालूम था,

सोचा था तैर के पार कर लेंगे प्यार के दरिया को,

पर बीच दरिया मिल जायेगा भंवर कहाँ मालूम था..

By | 2017-09-13T11:29:37+00:00 September 13th, 2017|Bewafa Shayari|0 Comments