चुप चाप सा ये कमरा मेरा

” चुप चाप सा ये कमरा मेरा
और रोशन ताक
जहाँ बल्ब जल रहे है
खामोश
बेजुबान
जो बस जलना जानते है
किसी की याद में…!!!”

By | 2017-09-25T09:33:30+00:00 September 25th, 2017|Gulzar|0 Comments