अच्छा है.. ये ज़रा सा फ़ासला दरमियाँ

अच्छा है.. ये ज़रा सा फ़ासला दरमियाँ,

एक तो मुहब्बत बढ़ती है,

दुजा किसी की नज़र नहीं लगती..

By | 2017-09-19T07:47:03+00:00 September 19th, 2017|Love Shayari|0 Comments